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बिहार-झारखंड

कोसी क्षेत्र में देसी मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा, सहरसा के किसानों को सरकार देगी 60 प्रतिशत सब्सिडी

बाढ़ प्रभावित कोसी क्षेत्र में देसी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए माइनर कार्प पालन योजना से रेबा, पोठिया, कालबसु जैसी मछलियों का पालन किया जाएगा। इसके लिए किसानों को सरकार से 60 प्रतिशत अनुदान प्राप्त होगा।

प्रथम चरण में इसके लिए इस वर्ष तीन तालाब का लक्ष्य निर्धारित है। जबकि कैट फिश योजना से इस वर्ष पांच तालाब में झींगा, सिंघी जैसी मछलियों का पालन की योजना है। आनेवाले वर्षों में इसके लक्ष्य में बढ़ाेतरी की जाएगी।

मीठे जल की देसी मछलियों को मिलेगा बढ़ावा

काेसी क्षेत्र में कभी 209 किस्म की मछलियां पाई जाती थी, परंतु हर वर्ष आनेवाली बाढ़ के कारण जहां कुछ नई किस्म की मछलियां आती है, वहीं अधिकांश देसी मछली बाढ़ के पानी के साथ चली गई। इसमें अब बहुत कम किस्म की मछलियां देखने के लिए मिलती है।

माइनर कार्प पालन योजना इस कमी को पूरा करने और मीठे जल में पलनेवाली मछलियों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही है। इस योजना के तहत रेबा, पोठिया, कालबसु, बाटा जैसी देसी मछलियों के उत्पादन किया जाएगा।

मत्स्यपालकों को अनुदान के साथ प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इन मछलियों को दूसरे प्रदेशों में भी भेजा जाएगा। इससे मत्स्यपालकों की आमदनी बढ़ेगी।

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