Connect with us

मध्य प्रदेश

चार दिन, 100 पुलिसकर्मी और 500 कैमरे… तब जाकर 560 किमी दूर मिला भोपाल से लापता छह वर्षीय अंश; जानें कैसे खुली गुत्थी

शहर के रॉयल मार्केट स्थित मल्टीकेयर अस्पताल से चार दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुआ छह वर्षीय अंश मैना आखिरकार मथुरा में सुरक्षित मिल गया। मां और सौतेले पिता की डांट से नाराज होकर घर से निकला मासूम पैदल ही करीब चार किलोमीटर का सफर तय कर भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से पातालकोट एक्सप्रेस में बैठकर करीब 560 किमी दूर मथुरा जा पहुंचा।

ट्रेन में अकेले बैठे हुए मिले बच्चे पर आरपीएफ जवानों की नजर पड़ी तो पूछताछ में उसकी पहचान सामने आई। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया। उधर भोपाल पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो कोहेफिजा पुलिस की टीम मथुरा पहुंची और बच्चे को लेकर भोपाल रवाना हो गई।

पिछले दिनों अंश की मां रॉयल मार्केट स्थित मल्टीकेयर अस्पताल में पीलिया का इलाज करवाने के लिए भर्ती हुई थीं। मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अंश अस्पताल परिसर में खेलते-खेलते बाहर निकल गया था। काफी देर तक तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो स्वजन ने कोहेफिजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की थी।

एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ दिखा था अंश

बच्चे की तलाश में जुटी पुलिस ने रॉयल मार्केट और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज में अंश एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ घूमता दिखाई दिया। पुलिस ने उस व्यक्ति को तलाश कर पूछताछ की, लेकिन वह मानसिक रूप से अस्वस्थ निकला और बच्चे के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। जांच में पता चला कि अस्पताल से निकलने के बाद अंश की मुलाकात उसी व्यक्ति से हुई थी। दोनों पैदल चलते हुए पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र तक पहुंचे, जहां बाद में दोनों अलग हो गए।

इसके बाद बच्चा अलग-अलग रास्तों से घूमता रहा और देर रात भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंच गया। पुलिस को रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में अंश के दिखाई देने के बाद जांच को नई दिशा मिली। फुटेज में वह 16 और 17 जून की दरम्यानी रात पातालकोट एक्सप्रेस में अकेले चढ़ता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने रेलवे रूट पर उसकी तलाश शुरू कर दी।

झांसी तक पहुंची पुलिस, मथुरा में मिला सुराग

कोहेफिजा पुलिस की एक टीम एसआई संजीव धाकड़ के नेतृत्व में बच्चे की तलाश में रेलवे मार्ग पर निकल पड़ी। टीम ने झांसी तक पहुंचकर टीटीई और रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की। इसी दौरान जानकारी मिली कि मथुरा में एक छह वर्षीय बच्चे को आरपीएफ ने ट्रेन में अकेला पाए जाने पर अपने संरक्षण में लिया है। भोपाल पुलिस ने तत्काल मथुरा आरपीएफ और जीआरपी से संपर्क किया।
पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम शुक्रवार तड़के मथुरा पहुंची। वहां बाल कल्याण समिति की प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को अपने साथ लेकर भोपाल के लिए रवाना हो गई। देर रात भोपाल पहुंचने के बाद अंश को स्वजन को सौंप दिया गया।

पूछताछ में सामने आई घर छोड़ने की वजह

बच्चे को भोपाल लेकर लौट रहे एसआई संजीव धाकड़ ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में अंश ने बताया कि वह मां और सौतेले पिता की डांट से नाराज था। इसी वजह से वह घर से निकल गया था। हालांकि उसने ट्रेन में बैठकर मथुरा जाने की कोई पूर्व योजना नहीं बनाई थी। वह बिना किसी निश्चित उद्देश्य के घूमते-घूमते रेलवे स्टेशन पहुंच गया और ट्रेन में सवार हो गया।

पुलिस का कहना है कि बच्चे की मां पहले भी बता चुकी हैं कि अंश मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। वह अभी स्कूल भी नहीं जाता है। फिलहाल जांच में किसी प्रकार के अपहरण या अन्य आपराधिक घटना के संकेत नहीं मिले हैं।

100 से ज्यादा पुलिसकर्मी, 500 से अधिक सीसीटीवी की जांच

अंश की तलाश के लिए करीब 12 थानों की पुलिस को लगाया गया था। दो दिन तक चले सर्च आपरेशन में 100 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने रॉयल मार्केट से लेकर रेलवे स्टेशन तक के विभिन्न मार्गों पर लगे 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा दर्जनों लोगों से पूछताछ कर बच्चे की संभावित गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया गया। लगातार की गई निगरानी और तकनीकी जांच के कारण पुलिस बच्चे तक पहुंचने में सफल रही।

सीसीटीवी में कैद हुई अंश के मथुरा पहुंचने तक की कहानी

सुबह 9:30 बजे – मल्टीकेयर अस्पताल से बाहर निकला।
9:40 बजे – अस्पताल के पास पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति के साथ दिखाई दिया।
10:30 बजे – नूरमहल रोड पर उसी व्यक्ति के साथ नजर आया।
11:00 बजे – चौकी इमामबाड़ा रोड पर पैदल चलता दिखा।
12:00 बजे – घोड़ानक्कास चौराहा पर कैमरे में कैद हुआ।
12:15 बजे – पुरानी सब्जी मंडी स्थित होटल तुलसी के पास पहुंचा।
इसके बाद – मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति से अलग हो गया।
12:30 बजे – मंगलवारा क्षेत्र में बड़ी मस्जिद के पास दिखाई दिया।
इसके बाद कई घंटे तक – किसी सीसीटीवी में ट्रेस नहीं हुआ।
रात 11:48 बजे – भोपाल रेलवे स्टेशन परिसर में नजर आया।
रात 12:45 बजे – पातालकोट एक्सप्रेस में अकेले चढ़ते हुए दिखाई दिया।
गुरुवार सुबह – मथुरा स्टेशन के पास आरपीएफ ने पकड़ा।
बाद में – जीआरपी ने बाल कल्याण समिति को सौंप दिया।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending