चंडीगढ़, 2 मार्च 2026।
आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2026-27 का राज्य बजट प्रस्तुत किया। इस बार का बजट आकार ₹2 लाख करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है, जिसे राज्य सरकार ने “समावेशी विकास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विस्तार” पर केंद्रित बताया है। सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों और शहरी-ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के संतुलित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बजट की प्रमुख घोषणाएं
बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रावधानों की घोषणा की। इनमें लाडो योजना, बेरोजगारी भत्ता, नए मेडिकल कॉलेज, शिक्षा-स्वास्थ्य के विस्तार और परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी गई है।
1) लाडो योजना को विस्तार
महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से लाडो योजना के दायरे को बढ़ाने की घोषणा की गई। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता, शिक्षा प्रोत्साहन और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इससे बेटियों की शिक्षा-स्वास्थ्य में निवेश बढ़ेगा और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी।
2) बेरोजगारी भत्ता में वृद्धि
युवाओं को राहत देते हुए बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए बजट आवंटन बढ़ाया गया है। कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ इसे जोड़कर “सीखो और कमाओ” मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही गई, ताकि युवा रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण लेकर निजी और औद्योगिक क्षेत्रों में अवसर पा सकें।
3) नए मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य ढांचा
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। जिला अस्पतालों के उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने का भी आश्वासन दिया।
4) शिक्षा में निवेश
सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएं और डिजिटल संसाधनों के विस्तार की घोषणा की गई। उच्च शिक्षा संस्थानों में नए पाठ्यक्रम और कौशल आधारित कार्यक्रम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षकों के प्रशिक्षण और स्कूल अवसंरचना सुधार के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं।
5) परिवहन और आधारभूत ढांचा
सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए नई बसों की खरीद, डिपो आधुनिकीकरण और सड़कों-फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाया गया है। ग्रामीण संपर्क मार्गों के सुधार और शहरी यातायात प्रबंधन पर भी फोकस रहेगा।
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
बजट में कृषि क्षेत्र के लिए सिंचाई परियोजनाओं, फसल विविधीकरण और मंडी अवसंरचना के उन्नयन के लिए धनराशि बढ़ाई गई है। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने हेतु प्रोत्साहन योजनाएं भी शामिल हैं। ग्रामीण विकास के तहत पंचायतों को अधिक वित्तीय अधिकार देने और गांवों में पेयजल-सीवरेज परियोजनाओं के विस्तार की बात कही गई।
उद्योग और निवेश
राज्य को निवेश-अनुकूल बनाने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम को और प्रभावी करने तथा औद्योगिक क्लस्टरों के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) को रियायती ऋण और प्रोत्साहन देने का प्रावधान है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति मिले।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण
वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए आवंटन में वृद्धि की गई है। सरकार का दावा है कि लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने बजट को “घोषणाओं का पिटारा” बताते हुए कहा कि वास्तविक क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर सरकार को स्पष्ट रोडमैप देना चाहिए। हालांकि सत्तापक्ष का कहना है कि यह बजट राज्य की आर्थिक क्षमता और राजस्व वृद्धि के अनुरूप संतुलित है।
निष्कर्ष
हरियाणा बजट 2026-27 में ₹2 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान राज्य के विकास एजेंडे को दर्शाता है। लाडो योजना, बेरोजगारी भत्ता, नए मेडिकल कॉलेज, शिक्षा और परिवहन पर फोकस से सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है और राज्य की विकास दर को यह बजट किस हद तक गति देता है।