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बिहार-झारखंड

बिहार में मांस-मछली बिक्री पर नया प्रतिबंध: स्कूलों और पूजा स्थलों के पास दुकानों पर रोक

बिहार में मांस-मछली बिक्री पर नया प्रतिबंध: स्कूलों और पूजा स्थलों के पास दुकानों पर रोक

पटना, 25 फरवरी 2026।
बिहार सरकार ने राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब शिक्षा संस्थानों, पूजा स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों के आसपास मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

किन इलाकों में लागू होगा प्रतिबंध?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिबंध मुख्य रूप से स्कूल-कॉलेज, मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारा जैसे धार्मिक स्थलों और प्रमुख बाजारों या सार्वजनिक स्थानों के आसपास लागू किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

नगर निकायों और जिला प्रशासन को इस फैसले के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का क्या कहना है?

सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक स्वच्छता, स्वास्थ्य मानकों और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। कई स्थानों से शिकायतें मिल रही थीं कि स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास खुले में मांस-मछली की बिक्री से अस्वच्छता और दुर्गंध की समस्या उत्पन्न हो रही है।

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से बच्चों और आम नागरिकों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही, धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान किया जाएगा।

दुकानदारों की प्रतिक्रिया

इस निर्णय को लेकर मांस और मछली विक्रेताओं में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ दुकानदारों का कहना है कि वे नियमों का पालन करेंगे, लेकिन वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो।

विक्रेताओं ने मांग की है कि प्रशासन पहले स्पष्ट रूप से उन क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां प्रतिबंध लागू होगा, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।

विपक्ष और सामाजिक संगठनों की राय

कुछ विपक्षी नेताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी समुदाय विशेष को निशाना न बनाया जाए। वहीं कई सामाजिक संगठनों ने इसे स्वच्छता और सामाजिक संतुलन की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है।

आगे की कार्यवाही

सरकार आने वाले दिनों में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर सकती है, जिसमें प्रतिबंध की सीमा, दूरी और लाइसेंस संबंधी प्रावधान स्पष्ट किए जाएंगे। जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी बनाई जा सकती हैं।

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