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परफेक्ट आईब्रो शेप के लिए कराने जा रही हैं टैटू? जेब ढीली करने से पहले जरूर जान लें ये 5 बातें, वरना होगा नुकसान

Eyebrow Tattoo Pros And Cons : कहते हैं कि आंखें दिल का हाल बयां करती हैं, लेकिन उन आंखों को खूबसूरत फ्रेम देने का काम करती हैं हमारी आईब्रोज (Eyebrows). आजकल थ्रेडिंग के झंझट से मुक्ति पाने और हल्की आईब्रो को हमेशा के लिए घना और परफेक्ट शेप देने के लिए आईब्रो टैटू यानी माइक्रोब्लेडिंग (Microblading) का क्रेज महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है. कामकाजी महिलाओं से लेकर कॉलेज गोइंग गर्ल्स तक, हर कोई इस ब्यूटी ट्रेंड को अपना रहा है.
अगर आप भी सुबह-सुबह आईब्रो पेंसिल लगाने के झंझट से तंग आ चुकी हैं और सेमी-परमानेंट आईब्रो टैटू कराने का मन बना रही हैं, तो रुकिए! अपनी जेब ढीली करने और पार्लर की चेयर पर बैठने से पहले कुछ बेहद जरूरी बातें जानना आपके लिए बहुत जरूरी है, ताकि बाद में पछताना न पड़े.

परमानेंट नहीं, ‘सेमी-परमानेंट’-
कई लोग सोचते हैं कि आईब्रो टैटू नॉर्मल बॉडी टैटू की तरह हमेशा के लिए होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. इसे माइक्रोब्लेडिंग कहा जाता है, जो एक सेमी-परमानेंट (Semi-permanent) प्रोसेस है. इसमें इस्तेमाल होने वाली स्याही त्वचा की ऊपरी परत तक ही जाती है. इसलिए, त्वचा के नेचुरल रिपेयर सिस्टम और धूप के संपर्क में आने से यह धीरे-धीरे हल्की होने लगती है. आमतौर पर एक अच्छा आईब्रो टैटू 1 से 2 साल तक चलता है. इसके बाद आपको दोबारा टच-अप कराना ही पड़ेगा.
थोड़ा दर्द और सब्र दोनों चाहिए
क्या इसमें दर्द होता है? यह हर महिला का पहला सवाल होता है. सच कहें तो सुई का इस्तेमाल होने के कारण थोड़ा दर्द या चुभन होना स्वाभाविक है. हालांकि, प्रोसेस शुरू करने से पहले एक्सपर्ट आपकी आईब्रो पर एक नमिंग क्रीम (Numbing Cream) लगाते हैं, जिससे वह हिस्सा सुन्न हो जाता है और दर्द काफी कम महसूस होता है. इसके अलावा, तुरंत पार्लर से निकलते ही आपको परफेक्ट लुक नहीं मिलेगा. शुरुआत के 3-4 दिन आईब्रोज बहुत ज्यादा डार्क और मोटी दिखेंगी, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है. करीब एक हफ्ते बाद जब हल्की पपड़ी (Scabbing) उतर जाएगी, तब असली और नेचुरल लुक सामने आएगा.
स्किन टाइप का भी होता है बड़ा रोल
आईब्रो टैटू का रिजल्ट हर किसी की स्किन पर एक जैसा नहीं आता. अगर आपकी स्किन ऑयली (Oily Skin) है, तो सीबम (ज्यादा तेल) निकलने के कारण पिगमेंट या स्याही जल्दी हल्की हो सकती है और स्ट्रोक्स उतने शार्प नहीं दिखते. वहीं, नॉर्मल और ड्राई स्किन वालों पर यह ज्यादा लंबे समय तक टिकता है. अगर आपको कोई स्किन एलर्जी, कील-मुंहासे या एक्जिमा की शिकायत है, तो इस ट्रीटमेंट को कराने से पहले अपने डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) की सलाह जरूर लें.
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‘आफ्टरकेयर’ है सबसे ज्यादा जरूरी (भूलकर भी न करें ये गलतियां)-
-टैटू कराने के बाद शुरुआती 7 से 10 दिन आपकी आईब्रोज के लिए ‘हीलिंग पीरियड’ होते हैं. इस दौरान आपको सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी होगी.
-अपनी आईब्रोज पर कम से कम एक हफ्ते तक पानी, साबुन या कोई भी फेसवॉश न लगने दें.
-जिम जाने या भारी वर्कआउट से बचें, क्योंकि पसीने से टैटू की स्याही फैल सकती है.
-हीलिंग के दौरान होने वाली खुजली या पपड़ी को भूलकर भी नाखून से न नोचें, वरना आईब्रो का शेप बिगड़ जाएगा.
-सस्ते के चक्कर में न पड़ें, सिर्फ ‘सर्टिफाइड एक्सपर्ट’ ही चुनें
-आईब्रो टैटू एक बेहद बारीक और आर्टिस्टिक काम है. इसलिए किसी भी लोकल पार्लर से सस्ते के चक्कर में इसे कराने की गलती कभी न करें.
-हमेशा एक सर्टिफाइड और अनुभवी माइक्रोब्लेडिंग आर्टिस्ट के पास जाएं.
-पार्लर की साफ-सफाई (Hygiene) और सुई की स्टेरलाइजेशन को खुद चेक करें, क्योंकि जरा सी लापरवाही से स्किन इन्फेक्शन या हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा हो सकता है.
-अच्छे क्लिनिक या सैलून में इस पूरे प्रोसेस का खर्च ₹8,000 से ₹25,000 तक आ सकता है.
काम की बात: आईब्रो टैटू कराने से पहले एक्सपर्ट से मिलकर अपने चेहरे के कट के हिसाब से सही शेप और बालों के रंग से मैच करता हुआ शेड (ब्लैक या डार्क ब्राउन) पहले ही तय कर लें. एक बार सही फैसला ले लिया, तो आपको हर सुबह परफेक्ट, नो-मेकअप लुक वाली खूबसूरत आईब्रोज मिलेंगी!(Image Credit: Canva)
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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