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राज्यसभा नामांकन निरस्त होने पर बड़ा बवाल: भोपाल में आज भूख हड़ताल करेंगे कांग्रेस नेता, चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर जमावड़ा

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में अपनी राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के रद होने पर कड़ा विरोध जताया है। उसने भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए इसे “लोकतंत्र की दिनदहाड़े लूट” करार दिया।

चुनाव आयोग कार्यालय में मंगलवार देर रात उस समय हंगामा मच गया, जब कांग्रेस के शीर्ष नेता नामांकन रद होने के खिलाफ याचिका सौंपने पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया।

आयोग ने बुधवार को पार्टी पदाधिकारियों को बुलाया है

सुरक्षाकर्मियों ने जयराम रमेश समेत कांग्रेस नेताओं को चुनाव आयोग कार्यालय में प्रवेश करने से यह कहते हुए रोक दिया कि उन्होंने चुनाव आयोग से अनुमति नहीं ली है।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल और जयराम रमेश ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया। हालांकि, आयोग ने बुधवार को पार्टी पदाधिकारियों को बुलाया है।

वहीं, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की भी तैयारी है।इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर कहा कि नामांकन रद होना संविधान और लोकतंत्र के प्रति भाजपा की “खोखली प्रतिबद्धता” को दर्शाता है।

 सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की भी तैयारी है

मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन को खारिज करना भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से नष्ट करने का एक प्रयास है। उनके नामांकन में किसी भी त्रुटि या जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह से झूठा और कांग्रेस से सीट छीनने का एक प्रयास है।

जब उन्हें एहसास हुआ कि हमारे कांग्रेस विधायकों को अपने पक्ष में करने की उनकी गंदी चाल नाकाम होने वाली है तो वे इस हरकत पर उतर आए कि उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन ही रद करा दिया। वे हर कदम पर वोट चोरी करने पर तुले हुए हैं।

राज्य ब्यूरो भोपाल के अनुसार, नटराजन का नामांकन रद होने के बाद पार्टी पदाधिकारी और विधायक भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बुधवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर पार्टी के सभी विधायक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

सभी जिला कांग्रेस कमेटियां भी इसी तरह उपवास करेंगी। जिस आधार पर नामांकन निरस्त किया गया है, वह मामला ही नहीं बनता। रिटर्निंग अधिकारी ने सरकार और भाजपा के दबाव में काम किया है। यह संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है, जिसे पार्टी पूरी ताकत से लड़ेगी।

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त

वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा ने सत्ता, दबाव और तंत्र का दुरुपयोग करते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करवा दिया। जब चुनाव मैदान में मुकाबला करने का साहस नहीं बचता, तब भाजपा हथकंडों का उपयोग करती है। आज यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही में विश्वास करती है।

कैलाश विजयवर्गीय के पुतले फूंकने का प्रयास किया

बाद में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। प्रदेश कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले फूंकने का प्रयास किया।

मंदसौर के शामगढ़ में भी प्रदर्शन हुआ। उधर, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर एक्स पर पोस्ट किया कि अब वोट चोरी से अगले स्तर पर सीट चोरी का सिलसिला शुरू हो गया है। मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त नहीं हुआ बल्कि प्रजातंत्र की हत्या हुई है।

दिग्विजय सिंह ने बोलने से किया मना

पत्रकारवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और मीनाक्षी नटराजन ने भी आग्रह किया, फिर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा। जबकि, वह मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी के बाद से लगातार सक्रिय रहे। विधायक दल की बैठक में उपस्थित रहने के साथ मंगलवार को विधानसभा में भी बैठे रहे।

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