Connect with us

देश

नशे के खिलाफ फिरोजपुर में राज्यपाल का पैदल मार्च, सारागढ़ी मेमोरियल से दिया एकजुटता का संदेश

नशे के खिलाफ फिरोजपुर में राज्यपाल का पैदल मार्च, सारागढ़ी मेमोरियल से दिया एकजुटता का संदेश

पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूत करते हुए फिरोजपुर में आज एक प्रभावशाली पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च का नेतृत्व राज्यपाल Gulab Chand Kataria ने किया। ऐतिहासिक Saragarhi Memorial से शुरू हुए इस पैदल मार्च के जरिए राज्यपाल ने समाज के हर वर्ग को नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र, युवा और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

सारागढ़ी मेमोरियल से मार्च की शुरुआत का प्रतीकात्मक महत्व भी रहा। यह स्थल साहस, बलिदान और कर्तव्यबोध का प्रतीक माना जाता है। राज्यपाल ने कहा कि जिस तरह सारागढ़ी के वीरों ने अदम्य साहस दिखाया था, उसी तरह आज समाज को नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को कमजोर करता है।

पैदल मार्च के दौरान राज्यपाल ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे नशे से दूर रहें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने कहा कि पंजाब की ताकत उसका युवा है और अगर युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आती है, तो इसका सीधा असर राज्य के भविष्य पर पड़ेगा। राज्यपाल ने माता-पिता, शिक्षकों और समाजसेवियों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर नजर रखें और समय रहते उन्हें सही मार्गदर्शन दें।

इस पैदल मार्च में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए प्रतिभागी “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, सशक्त पंजाब” जैसे नारों के साथ आगे बढ़ते दिखे। यह दृश्य इस बात का संकेत था कि नशे के खिलाफ लड़ाई अब केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बन चुकी है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां नशीले पदार्थों की तस्करी एक बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन समाज का सहयोग इसके बिना अधूरा है। उन्होंने कहा कि जब तक लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

मार्च में शामिल छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे नशे के खिलाफ सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही खेल, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि युवा सकारात्मक दिशा में अपनी ऊर्जा लगा सकें।

पैदल मार्च को लेकर फिरोजपुर के स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। कई नागरिकों ने इसे एक सराहनीय पहल बताया और कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। लोगों का मानना है कि जब संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति स्वयं सड़कों पर उतरकर संदेश देते हैं, तो उसका प्रभाव कहीं अधिक गहरा होता है।

इस अवसर पर नशामुक्त पंजाब का सामूहिक संकल्प भी लिया गया। प्रतिभागियों ने न केवल स्वयं नशे से दूर रहने, बल्कि दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का वादा किया। प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि आने वाले दिनों में जिले भर में और भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राज्यपाल ने बताया कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। इसमें तस्करी पर सख्त कार्रवाई, नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार, पीड़ितों के पुनर्वास और रोजगार से जोड़ने की योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ चुके लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

मार्च के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नुक्कड़ नाटकों के जरिए भी नशे के दुष्परिणामों को दर्शाया गया। इन प्रस्तुतियों ने खासकर युवाओं को गहराई से प्रभावित किया। संदेश साफ था—नशा न केवल शरीर को खोखला करता है, बल्कि सपनों और संभावनाओं को भी खत्म कर देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जनभागीदारी वाले कार्यक्रम नशे के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता ही स्थायी समाधान की कुंजी है। फिरोजपुर का यह पैदल मार्च उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, फिरोजपुर में आयोजित यह पैदल मार्च नशे के खिलाफ एक सशक्त संदेश बनकर उभरा। सारागढ़ी मेमोरियल से निकली यह आवाज पूरे पंजाब में गूंजती नजर आई—कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी जीती जा सकती है, जब सरकार, प्रशासन और समाज एकजुट होकर आगे बढ़ें। राज्यपाल का यह संदेश स्पष्ट था: नशामुक्त पंजाब सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending

Copyright © 2025 Janta Voice Times. * All Rights Reserved. *