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मर्यादा का उपदेश देने वालों को खुद इसका पालन करना चाहिए: भगवंत मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक कथित विवादास्पद वीडियो को लेकर अकाल तख्त द्वारा ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किए जाने के एक दिन बाद उन्होंने कार्यवाहक अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज पर तीखा हमला बोला।

होशियारपुर के चब्बेवाल निर्वाचन क्षेत्र के बिहाला गांव में मंगलवार को एक सभा को संबोधित करते हुए मान ने गर्गज की नियुक्ति पर सवाल उठाया और अकाल तख्त नेतृत्व पर राजनीतिक प्रभाव के तहत काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘वे मुझे ‘पतित’ सिख कहते हैं और कहते हैं कि मैं सिख आचार संहिता के बारे में अनभिज्ञ हो सकता हूं। लेकिन ज्ञानी गर्गज की नियुक्ति रात करीब 2-2.30 बजे थी, जब गुरु ग्रंथ साहिब सुखासन में था, अपने आप में संदिग्ध है।

कार्यक्रम स्थल के आसपास की छतों से देख रहे लोगों को संबोधित करते हुए मान ने आरोप लगाया कि अकाल तख्त को अदालत कक्ष में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘अकाल तख्त के जत्थेदार लोगों को बुलाते रहते हैं। कुछ की माफी स्वीकार की जाती है, जबकि अन्य की माफी अस्वीकार कर दी जाती है। सब कुछ राजनीतिक आकाओं के निर्देश पर किया जा रहा है। सिखों की सर्वोच्च अदालत अकाल तख्त को अदालत कक्ष में बदल दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर झूठे आरोपों और मनगढ़ंत वीडियो के माध्यम से उन्हें बदनाम करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘उनके पास मेरे खिलाफ कहने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे।

बेअदबी के मामलों का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त कानून बनाया है।

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