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इंदौर: सेवानिवृत्त लांस नायक ने लूटे 29.65 लाख, सांवरिया सेठ मंदिर में किया 1,11,000 रुपये का दान

इंदौर में स्क्रैप कारोबारी के कर्मचारी से दिनदहाड़े हुई 29.65 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने बुधवार को सनसनीखेज खुलासा किया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड सेना का सेवानिवृत्त लांस नायक निकला, जिसने क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भारी नुकसान और बढ़ते कर्ज से उबरने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की पूरी पटकथा तैयार की थी।

पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 22.60 लाख रुपये नकद, एक कार और आभूषण बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित सीधे राजस्थान के प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे और लूट की रकम में से 1.11 लाख रुपये दान कर दिए। इसके बाद वे उज्जैन और नलखेड़ा जाकर धार्मिक अनुष्ठानों में भी शामिल हुए।

कारोबारी के कर्मचारी को बनाया निशाना

पुलिस आयुक्त (एडीजी) संतोष कुमार सिंह के अनुसार, विंध्याचल कॉलोनी निवासी राकेश गोयल की सांवेर रोड स्थित सृष्टि मेटल फैक्ट्री है। 11 जून को उनके कर्मचारी मुकुल अग्रवाल सियागंज, छावनी और गाड़ी अड्डा क्षेत्र के व्यापारियों से रकम एकत्र कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मच्छी बाजार क्षेत्र में स्कूटर सवार बदमाशों ने उनसे 29 लाख 65 हजार रुपये से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।

सेना के पूर्व जवान ने की थी पूरी रेकी

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित चंद्रशेखर उर्फ चंदू मुकाती, देवास जिले के सन्नोद का निवासी है और भारतीय सेना में 16 वर्षों तक सेवा दे चुका है। सेवानिवृत्ति के बाद वह एक निजी औद्योगिक इकाई में मुनीम का काम कर रहा था।

आर्थिक संकट और कर्ज के दबाव में चंदू ने अपने साथी अमर उर्फ भानजा अहिरवार के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। उसने कई दिनों तक मुकुल अग्रवाल की गतिविधियों और आने-जाने के रास्तों की रेकी की, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया।

सीसीटीवी फुटेज से खुला पूरा खेल

पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने घटना में इस्तेमाल किए गए स्कूटर पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। वारदात के बाद एक स्थान पर स्कूटर की असली नंबर प्लेट लगाते हुए आरोपित सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। यही फुटेज जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुई और पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई।

लूट के पैसों से खरीदी कार

डीसीपी जोन-4 सुनील मेहता के मुताबिक, आरोपितों ने लूट की रकम का आपस में बंटवारा कर लिया था। इनमें से करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर उज्जैन से एक कार खरीदी गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस वाहन का उपयोग भविष्य में अन्य लूट और चोरी की वारदातों में करने की तैयारी थी।

पुलिस ने चंद्रशेखर उर्फ चंदू मुकाती, प्रवीण भंडारी, अमर उर्फ भानजा अहिरवार, फिरोज और कपिल भंडारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य संभावित कड़ियों और आरोपितों की भूमिका की भी जांच जारी है।

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