Connect with us

पंजाब

पंजाब सरकार ने ‘पुराने’ वैट, जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों को बेचना शुरू किया

राज्य सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाये की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू कर दी है।

वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने कर बकायेदारों के खिलाफ वसूली अभियान तेज कर दिया है और वैट और जीएसटी चोरी करने वालों की संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी शुरू की है।

पहली बड़ी नीलामी शुक्रवार को मोहाली में आयोजित की गई थी। टैक्स डिफॉल्टर फर्म मेसर्स सुमित इंजीनियरिंग की संपत्ति 13.22 करोड़ रुपये में बेची गई थी। चीमा ने कहा कि जालंधर के शाहकोट में एक और सफल नीलामी की गई, जिसमें मेसर्स एमआर राइस मिल्स की संपत्ति शामिल थी। इससे 1.11 करोड़ रुपये मिले। मंत्री ने कहा कि आने वाले महीनों में लगभग 20 और संपत्तियां हथौड़े के नीचे चली जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘सफल बोलीदाताओं द्वारा शुक्रवार को 3.58 करोड़ रुपये की राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा कराई गई और शेष राशि आने वाले सप्ताह में कानूनी रूप से वसूल कर ली जाएगी।

कड़ी वसूली कार्यवाही में भौतिक कुर्की और संपत्तियों की नीलामी शामिल थी। कार्रवाई विशेष रूप से कर चूककर्ताओं पर लक्षित है, जिन्होंने राज्य की एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना के तहत प्रदान की गई राहत का लाभ नहीं उठाने का विकल्प चुना है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने ओटीएस योजना को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने लंबित वैट देनदारियों वाले करदाताओं को अपने बकाये का शीघ्रता से निपटान करने के लिए एक पारदर्शी और अत्यधिक अनुकूल तंत्र प्रदान किया है, जिससे मुकदमेबाजी और राज्य की कार्रवाई से बचा जा सके।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending