Connect with us

बिहार-झारखंड

राबड़ी देवी नाराज, बंगले से हटाए सभी पुलिसकर्मी; तेजस्‍वी ने भी लौटाई सुरक्षा, सरकार के फैसले पर बड़ा विरोध

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उनकी सुरक्षा में कटौती का मुद्दा बिहार की राजनीति में नया विवाद बन गया है।

सुरक्षा घटाए जाने के फैसले से नाराज राबड़ी देवी ने अपने आवास से तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया है। बंगले के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी हटाने का निर्देश दिया गया।

इस बीच यह खबर आ रही है कि तेजस्‍वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। उन्‍हें वाई प्‍लस श्रेणी की सुरक्षा है। वे दिल्‍ली से आज पटना आ रहे हैं। RJD मुख्‍य प्रवक्‍ता शक्‍त‍ि सिंह यादव ने यह जानकारी दी।

दरअसल, 4 जून को राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और विधायक तेज प्रताप यादव की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उसमें कटौती की थी।

Tejashwi Residence

तेजस्वी ने भी सुरक्षा वापस की

राजद की प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का कहना है कि लालू बिहार के सबसे बड़े नेता। उनका हाथ थाम कितने सत्ता के शीर्ष तक पहुंच गए।

उनमें कुछ आज मठाधीश बन गए हैं। सत्ता पक्ष के अदना नेताओं को भी भारी-भरकम सुरक्षा है और लालू परिवार बंगला और सुरक्षा व्यवस्था के बहाने लगातार अपमानित किया जा रहा है।

ऐसे में लालू-राबड़ी-तेजस्वी ने सुरक्षा व्यवस्था वापस कर दी है। अब परिवार के किसी एक व्यक्ति को भी खरोंच तक आई, तो सरकार को जवाब देना पड़ेगा। जनाक्रोश भड़क उठेगा, फिर संभालना मुश्किल हो जाएगा।

4 जून को सुरक्षा में कटौती का हुआ था फैसला

इस निर्णय के तहत लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को प्राप्त जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी गई। नई व्यवस्था के अनुसार राबड़ी देवी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के हाउसगार्ड, महिला अंगरक्षक दी गई।

इसके अलावा वर्दीधारी सुरक्षा कर्मी, पायलट वाहन, एस्कॉर्ट और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं लालू प्रसाद को भी हाउसगार्ड, अंगरक्षक, पायलट वाहन और बुलेटप्रूफ कार की सुविधा दी गई है।

हालांकि, राजद ने इस फैसले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। पार्टी का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों की गरिमा और सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।

Shakti Yadav

पूर्व सीएम का अपमान

इसी विरोध के तौर पर राबड़ी देवी ने पूरी सरकारी सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी दोनों राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं।

सुरक्षा में कटौती कर उनका अपमान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लालू प्रसाद केवल एक राजनीतिक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की एक विचारधारा हैं और उनकी सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक प्रतिशोध का माध्यम नहीं बनना चाहिए।

राजद का कहना है कि जब कम सार्वजनिक पहचान वाले लोगों को भी विभिन्न श्रेणियों की सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, तब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा कम करना कई सवाल खड़े करता है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जनता ही उनके नेताओं की सबसे बड़ी सुरक्षा है। इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा समीक्षा के सरकारी फैसले और उसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर बिहार की राजनीति में बहस तेज हो गई है।

विपक्ष इसे सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार की ओर से इसे नियमित सुरक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

Instagram

Facebook

Janta Voice Times

Janta Voice Times All India News

Trending