दिल्ली
हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली पुलिस को ट्रांसजेंडर की गिरफ्तारी, हिरासत के लिए एसओपी तैयार करने को कहा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की गिरफ्तारी और हिरासत के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने की दिशा में उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कानून की छात्रा तारन चांदना द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों को नोटिस जारी किए। अदालत ने अधिकारियों से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मई 2026 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा जारी परामर्श पर विचार करने के लिए भी कहा।
याचिकाकर्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस के पास महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की गिरफ्तारी को नियंत्रित करने के स्थायी आदेश हैं, लेकिन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए कोई विशिष्ट प्रोटोकॉल नहीं है।
याचिका के अनुसार, एनएचआरसी की मई में जारी ‘ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए एडवाइजरी, 2.0’ में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की गिरफ्तारी, हिरासत, तलाशी, पूछताछ और कारावास को कवर करने के लिए एक व्यापक एसओपी की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि दिल्ली में इस तरह की कोई एसओपी या दिशानिर्देश तैयार नहीं किए गए हैं।
पीठ ने कहा, ”हम भारत सरकार, दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार से अपना जवाब दाखिल करने का आह्वान करते हैं। इस बीच, हम निर्देश देते हैं कि मई 2026 में जारी परामर्श पर विचार किया जाएगा और कानून में अनुमेय उचित कदम उठाए जाएंगे।
अदालत ने अधिकारियों को एनएचआरसी की सलाह के अनुपालन में उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और मामले को 18 नवंबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
जनहित याचिका में कहा गया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की गिरफ्तारी और व्यक्तिगत तलाशी के लिए एक स्पष्ट एसओपी शारीरिक अखंडता, गरिमा, समानता और गैर-भेदभाव के उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
याचिका में मई 2025 में दिल्ली पुलिस द्वारा तीन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की गिरफ्तारी का हवाला दिया गया है, जो स्पष्ट दिशानिर्देशों के अभाव से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का एक उदाहरण है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनमें से एक के पास महिला जननांग शारीरिक रचना है और दूसरे के पास वैध पहचान प्रमाण पत्र है, तीनों को एक पुरुष पुलिस अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से उनकी लिंग पहचान की जांच किए बिना, स्व-घोषणा या सहमति प्राप्त करने के लिए खोजा था।
-
देश10 months ago‘न्याय के साथ विकास’ से ‘Ease of Living’ तक: बिहार को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने का संकल्प – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
-
देश9 months ago2027 चुनाव से पहले पंजाब सीएम भगवंत मान का बड़ा राजनीतिक दांव
-
विदेश10 months agoफर्जी डिग्री रैकेट पर ऑस्ट्रेलिया में हंगामा, भारतीय कार्रवाई का हवाला देकर सीनेटर मैल्कम रॉबर्ट्स ने छात्र वीज़ा सिस्टम पर उठाए सवाल
-
उत्तर प्रदेश10 months agoपूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जेल में बिगड़ी तबीयत, देवरिया से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
-
बिहार-झारखंड10 months agoखाद कालाबाजारी पर बिहार सरकार का सख्त एक्शन, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू: कृषि मंत्री
-
देश9 months agoराष्ट्रपति द्रौपादी मुर्मु का अमृतसर साहिब में भव्य स्वागत, CM भगवंत मान ने सिख मर्यादा व संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
-
पंजाब9 months agoमीडिया पर दबाव के आरोप, पंजाब की राजनीति में बढ़ा विवाद
-
दिल्ली9 months agoपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अमित शाह से करेंगे मुलाकात, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

