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मानसा के फतेहगढ़ साहनेवाली में नए आईटीआई का शिलान्यास, युवाओं के लिए रोजगार की नई राह

मानसा के फतेहगढ़ साहनेवाली में नए आईटीआई का शिलान्यास, युवाओं के लिए रोजगार की नई राह

चंडीगढ़/मानसा, 25 फरवरी — पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज मानसा जिले के फतेहगढ़ साहनेवाली गांव में एक नए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का शिलान्यास किया। इस मौके पर गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उम्मीदों से भरा हुआ था, क्योंकि यह संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि सैकड़ों युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान देगा।

मुख्यमंत्री ने शिलान्यास करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे बदलते समय के साथ कदम मिला सकें। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर की है। यह नया आईटीआई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

240 छात्रों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण

इस आईटीआई में शुरुआत में लगभग 240 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां ऐसे ट्रेड शुरू किए जाएंगे, जिनकी आज के उद्योगों में सबसे अधिक मांग है। इनमें इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मैकेनिक, रोबोटिक्स और सीएनसी मशीनिंग जैसे आधुनिक और तकनीकी कोर्स शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से तकनीक की ओर बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ रहा है, ऑटोमेशन और रोबोटिक्स उद्योगों का भविष्य हैं। ऐसे में युवाओं को पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ नई तकनीकों का ज्ञान देना समय की मांग है। इस संस्थान में छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे सीधे उद्योगों में काम करने के लिए तैयार हो सकें।

गांव के युवाओं के लिए बड़ी सौगात

फतेहगढ़ साहनेवाली और आसपास के गांवों के युवाओं के लिए यह आईटीआई किसी वरदान से कम नहीं है। अब उन्हें तकनीकी शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में मौजूद कई युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने ही जिले में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। इससे वे बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे या खुद का व्यवसाय भी शुरू कर सकेंगे।

रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में पंजाब को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।

सरकार का मानना है कि यदि युवाओं को सही दिशा और कौशल मिल जाए, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं। इस आईटीआई का उद्देश्य भी यही है कि युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए।

आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

अधिकारियों के अनुसार, यह संस्थान आधुनिक प्रयोगशालाओं, वर्कशॉप और प्रशिक्षित शिक्षकों से लैस होगा। यहां विद्यार्थियों को मशीनों और उपकरणों पर प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल और रोबोटिक्स से जुड़े कोर्स के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि छात्रों को वास्तविक उद्योग जैसा अनुभव मिल सके।

इसके अलावा, छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सहायता की भी व्यवस्था की जाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छात्रों को विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलें।

क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संस्थान के खुलने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। निर्माण कार्य के दौरान रोजगार के अवसर पैदा होंगे और संस्थान शुरू होने के बाद आसपास छोटे-छोटे व्यवसाय भी विकसित होंगे, जैसे कि स्टेशनरी, हॉस्टल, परिवहन और खान-पान से जुड़े कार्य।

इस प्रकार, यह आईटीआई केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पूरे इलाके के विकास का केंद्र बन सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की परियोजनाएं विकास की नई इबारत लिखती हैं।

युवाओं में दिखा उत्साह

कार्यक्रम में कई छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अपनी आकांक्षाएं साझा कीं। कुछ युवाओं ने कहा कि वे रोबोटिक्स और सीएनसी मशीनिंग जैसे कोर्स करके विदेशों में भी रोजगार पाना चाहते हैं, जबकि कुछ ने अपने गांव में ही वर्कशॉप खोलने की इच्छा जताई।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन उपलब्ध कराएगी, लेकिन सफलता छात्रों की मेहनत पर निर्भर करेगी।

भविष्य की योजनाएं

सरकार की योजना है कि राज्य के विभिन्न जिलों में इसी तरह के आधुनिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएं। उद्देश्य यह है कि पंजाब का हर युवा कौशलयुक्त बने और राज्य को औद्योगिक विकास में नई ऊंचाइयों तक ले जाए।

फतेहगढ़ साहनेवाली में आईटीआई का शिलान्यास इसी व्यापक सोच का हिस्सा है। यह कदम दिखाता है कि सरकार तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।


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यह पहल निश्चित रूप से मानसा जिले के युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। आने वाले समय में जब इस आईटीआई से प्रशिक्षित छात्र विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएंगे, तब इस दिन को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाएगा।

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