Connect with us

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट पर तीखी बहस, कृषि-रोजगार और शहरी विकास केंद्र में

भोपाल, 27 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज कृषि, रोजगार और शहरी विकास योजनाओं को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक हुई। जहां विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की आय से जुड़े सवाल उठाए, वहीं सरकार ने निवेश, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को अपनी उपलब्धि बताया।


कृषि पर फोकस: समर्थन मूल्य और सिंचाई योजनाएं

सरकार ने बजट में कृषि क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधानों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस वर्ष किसानों को रिकॉर्ड स्तर पर समर्थन मूल्य का लाभ दिया गया है। सिंचाई परियोजनाओं, फसल बीमा और आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी बढ़ाने की घोषणा को भी उपलब्धि बताया गया।

कृषि मंत्री ने सदन में कहा कि “प्रदेश में सिंचाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।”

हालांकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि कई जिलों में भुगतान में देरी और फसल बीमा दावों के निपटान में अनियमितताएं हो रही हैं। विपक्षी विधायकों ने मांग की कि सरकार जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान करे।


रोजगार और युवा: आंकड़ों पर टकराव

बजट चर्चा के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा भी गरमाया रहा। विपक्ष ने दावा किया कि प्रदेश में युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है और सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया धीमी है।

इस पर सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि उद्योगों में निवेश बढ़ा है और स्टार्टअप नीति के तहत हजारों युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। औद्योगिक कॉरिडोर और नई फैक्ट्रियों की स्थापना से रोजगार सृजन में तेजी आने का दावा किया गया।


शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर

सरकार ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में सड़कों, फ्लाईओवर, मेट्रो परियोजनाओं और स्मार्ट सिटी योजनाओं को बजट की प्रमुख उपलब्धि बताया।

वित्त मंत्री ने कहा कि “इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया गया निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।”

विपक्ष ने हालांकि शहरी परियोजनाओं में लागत बढ़ने और काम में देरी के आरोप लगाए। उन्होंने पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन की मांग की।


महंगाई पर सरकार को घेरा

महंगाई का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। विपक्षी नेताओं ने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम जनता परेशान है। उन्होंने सरकार से राहत उपायों की घोषणा करने की मांग की।

सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि राज्य स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाया गया है तथा केंद्र की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया जा रहा है।


हंगामे के बीच कार्यवाही

बहस के दौरान कई बार सदन में शोर-शराबा हुआ और स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर वॉकआउट भी किया, जबकि सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया।

करीब पूरे दिन चली चर्चा के बाद बजट प्रस्तावों को आगे की प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया।


निष्कर्ष

मध्य प्रदेश विधानसभा का यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। एक ओर सरकार निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि योजनाओं को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट में घोषित योजनाओं का जमीनी असर कितना दिखता है और क्या सरकार विपक्ष की चिंताओं का समाधान कर पाती है।

Advertisement

Instagram

Facebook

yashoraj infosys, Best Web design company in patna 8

YashoRaj IT Solutions

Trending