मध्य प्रदेश
योग दिवस पर इंदौर ने रचा नया इतिहास: 10 हजार लोगों ने एक साथ किया भ्रामरी प्राणायाम, बना एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने योग के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली। शहर के गोपुर चौराहे पर 10 हजार योग साधकों ने एक साथ 3 मिनट 19 सेकंड तक भ्रामरी प्राणायाम कर एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। यह आयोजन ‘योग मित्र अभियान’ के तहत आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि मुख्य कार्यक्रम बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं योग प्रेमी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके ने कहा कि योग भारत की ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज वैश्विक पहचान हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि योग अब 151 देशों तक पहुंच चुका है और यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का समग्र माध्यम है।
योग मित्र वेबसाइट का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने ‘योग मित्र’ वेबसाइट का शुभारंभ भी किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक शहर में संचालित योग केंद्रों, प्रशिक्षकों और नियमित योग गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
महापौर ने बताया कि इंदौर में प्रतिदिन 140 स्थानों पर 10 हजार से अधिक लोग नियमित रूप से योगाभ्यास करते हैं। उन्होंने कहा कि भ्रामरी प्राणायाम का यह रिकॉर्ड योग को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित है, जिनके प्रयासों से योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
योग और नमाज की तुलना पर बोले विजयवर्गीय
योग दिवस के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित योग कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि योग समाज के सभी वर्गों को जोड़ने वाला आयोजन है और इसकी तुलना किसी धार्मिक गतिविधि से करना उचित नहीं है। वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम स्वास्थ्य और जागरूकता से जुड़ा जन-अभियान है।
क्या है भ्रामरी प्राणायाम?
भ्रामरी प्राणायाम योग की एक महत्वपूर्ण श्वास प्रक्रिया है, जिसमें सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी गुंजन ध्वनि निकाली जाती है। योग विशेषज्ञों के अनुसार यह प्राणायाम मानसिक तनाव और चिंता को कम करने, मन को शांत और एकाग्र बनाने, बेहतर नींद लाने तथा मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में सहायक माना जाता है। साथ ही यह रक्तचाप को नियंत्रित रखने में भी लाभकारी माना जाता है।
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