हरियाणा
रोहतक के कांग्रेस विधायक बत्रा और भाजपा के पूर्व मंत्री ग्रोवर के बीच राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह के इस्तेमाल को लेकर विवाद
रोहतक से कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा और भाजपा के पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर के लेटरहेड पर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल करने को लेकर राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है।
बत्रा ने रोहतक के कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी गई शिकायत में ग्रोवर द्वारा लेटरहेड पर प्रतीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाया। यह शिकायत तब दी गई जब अध्यक्ष ने हाल ही में पंचकूला का दौरा किया था।
मीडिया से बातचीत करते हुए बत्रा ने पूछा कि किन नियमों के तहत कोई पूर्व विधायक या मंत्री पद छोड़ने के बाद आधिकारिक पत्राचार पर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल कर सकता है। प्रतीक चिन्ह को देश की संवैधानिक गरिमा और संप्रभुता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके अनधिकृत उपयोग पर कानूनी दंड लगाया जाता है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि वह लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर पूर्व जनप्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले नियमों पर स्पष्टीकरण मांगेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हुड्डा के खिलाफ शिकायत पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं और उनकी आपत्ति पूरी तरह से राष्ट्रीय प्रतीक के अनधिकृत उपयोग को लेकर है।
सार्वजनिक जीवन में गरिमा और नैतिक आचरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए बत्रा ने कहा कि राजनीतिक जीत और हार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक मूल्य और संस्थानों के प्रति सम्मान सर्वोपरि रहना चाहिए।
इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ग्रोवर ने कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाया कि वह अपने लेटरहेड पर ध्यान केंद्रित कर जनकल्याण से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।
ग्रोवर ने कहा कि हुड्डा की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष को लिखे उनके पत्र में महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों की उपेक्षा पर चिंता जताई गई थी।
उन्होंने बत्रा को चुनौती दी कि वह यह बताएं कि लेटरहेड पर प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी देने के बजाय बैठक के दौरान लोक कल्याण और विकास से संबंधित मामलों पर पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
ग्रोवर ने कहा, ‘रोहतक के लोग अपनी समस्याओं और विकास का समाधान चाहते हैं, न कि लेटरहेड पर बहस.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दिशा बैठक के कामकाज से संबंधित सवालों का जवाब देना चाहिए.
ग्रोवर ने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी और आरोप लगाया था कि हुड्डा ने दिशा बैठक को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया था। उन्होंने तर्क दिया कि केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और जिले में उनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए होने वाली बैठकों को राजनीतिक युद्ध के मैदान में नहीं बदलना चाहिए।
-
देश10 months ago‘न्याय के साथ विकास’ से ‘Ease of Living’ तक: बिहार को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाने का संकल्प – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
-
देश10 months ago2027 चुनाव से पहले पंजाब सीएम भगवंत मान का बड़ा राजनीतिक दांव
-
विदेश10 months agoफर्जी डिग्री रैकेट पर ऑस्ट्रेलिया में हंगामा, भारतीय कार्रवाई का हवाला देकर सीनेटर मैल्कम रॉबर्ट्स ने छात्र वीज़ा सिस्टम पर उठाए सवाल
-
उत्तर प्रदेश10 months agoपूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जेल में बिगड़ी तबीयत, देवरिया से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
-
बिहार-झारखंड10 months agoखाद कालाबाजारी पर बिहार सरकार का सख्त एक्शन, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू: कृषि मंत्री
-
देश10 months agoराष्ट्रपति द्रौपादी मुर्मु का अमृतसर साहिब में भव्य स्वागत, CM भगवंत मान ने सिख मर्यादा व संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
-
पंजाब10 months agoमीडिया पर दबाव के आरोप, पंजाब की राजनीति में बढ़ा विवाद
-
दिल्ली10 months agoपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अमित शाह से करेंगे मुलाकात, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

