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बिहार-झारखंड

राजधानी जैसी दिखने लगी बाघ एक्सप्रेस; रेलवे ने बदले सभी कोच, नई बोगियों के कारण यात्री हुए भ्रमित

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस को नया स्वरूप दे दिया है।

अब ट्रेन के सभी पुराने कोचों को हटाकर अत्याधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगा दिए गए हैं। नई रेक के साथ चलने लगी बाघ एक्सप्रेस न केवल अधिक सुरक्षित हो गई है, बल्कि नया लुक भी दिया है।

गाड़ी संख्या 13019 हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस रविवार को सिवान जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर नए एलएचबी रेक के साथ पहुंची।

निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई। ट्रेन को नए स्वरूप में देखकर यात्रियों में उत्सुकता देखने को मिली।

पहली नजर में यात्री हुए भ्रमित

नए रंग-रूप और आधुनिक डिजाइन के कारण कई यात्री कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गए। जब बाघ एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंची तो कुछ यात्रियों ने इसे वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस या किसी अन्य प्रीमियम ट्रेन समझ लिया।

हालांकि बाद में कोचों और डिस्प्ले बोर्ड पर ट्रेन का नाम देखकर यात्रियों ने सही ट्रेन की पहचान की और अपनी यात्रा शुरू की।

एलएचबी कोच से बढ़ी सुरक्षा और सुविधा

रेलवे अधिकारियों के अनुसार एलएचबी कोच पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। दुर्घटना की स्थिति में इनके एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना कम होती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ जाती है।

इसके अलावा इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने से यात्रा अधिक आरामदायक होती है और झटके भी कम महसूस होते हैं।

एलएचबी कोचों की एक और विशेषता यह है कि इनमें बर्थ की संख्या अपेक्षाकृत अधिक होती है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सीटों का लाभ मिल सकता है।

आधुनिक डिजाइन और बेहतर सुविधाओं के कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अधिक आराम मिलता है।

रेलवे का आधुनिकीकरण अभियान जारी

रेलवे लगातार विभिन्न ट्रेनों में पुराने कोचों को हटाकर एलएचबी रेक लगा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

बाघ एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगाए जाने को भी इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

क्या बोले अधिकारी

वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि बाघ एक्सप्रेस के सभी रैक को एलएचबी कोच में परिवर्तित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि एलएचबी कोचों में बर्थ की संख्या बढ़ जाती है, ये देखने में आकर्षक होते हैं और यात्रा के दौरान अधिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।

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