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पंजाब

लोगों के बीच, लोगों के मुख्यमंत्री: अपने पैतृक गांव सतौज पहुंचे CM भगवंत मान

लोगों के बीच, लोगों के मुख्यमंत्री: अपने पैतृक गांव सतौज पहुंचे CM भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर अपनी सादगी और जनता से जुड़ाव के कारण चर्चा में हैं। व्यस्त सरकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच से समय निकालकर आज वह अपने पैतृक गांव सतौज पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे ने न केवल उनके अपने गांव के प्रति लगाव को दर्शाया, बल्कि यह भी साबित किया कि वह जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहने को प्राथमिकता देते हैं।

गांव पहुंचते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान सबसे पहले गुरु घर में नतमस्तक हुए। उन्होंने गुरु चरणों में माथा टेककर पंजाब की खुशहाली, शांति और प्रदेशवासियों की चढ़दी कला के लिए अरदास की। इस दौरान उनका भावनात्मक और श्रद्धा से भरा रूप देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों को भी प्रभावित किया। यह पल उनके आध्यात्मिक जुड़ाव और परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री के गांव आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। लोगों ने अपने लोकप्रिय नेता का पूरे मान-सम्मान के साथ स्वागत किया। बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया, जबकि युवाओं और महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं सुनीं और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार गांवों के विकास और लोगों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गांववासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह जहां भी रहें, अपने गांव और यहां के लोगों से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी के दम पर वह पंजाब को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी भगवंत मान लगातार आम लोगों के बीच जाकर संवाद बनाए रखते हैं। उनका यह दौरा इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां वह अपने मूल से जुड़े रहने का संदेश देते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ऐसे दौरे न केवल जनसंपर्क को मजबूत करते हैं, बल्कि सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर पर समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं था, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व की सादगी, जमीनी जुड़ाव और लोगों के प्रति समर्पण का प्रतीक बना। सतौज में बिताया गया उनका यह समय यह दिखाता है कि वह वास्तव में “लोगों के मुख्यमंत्री” हैं, जो हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहते हैं।

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