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उत्तर प्रदेश

‘क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?’ छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर अखिलेश ने लोकसभा में कह दी ये 5 बातें, एक पल को चुप हो गए सभी

नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा संसद में गूंज उठा है. मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा.

सदन में तीखी बहस के दौरान अखिलेश यादव ने साफ कहा कि यह मुद्दा कांग्रेस, बीजेपी या सपा का नहीं, बल्कि देश के पूरे युवा और भावी भविष्य का है.  युवा और छात्र नौजवान हम सबके हैं, हम सब उनके हक के लिए लड़ रहे हैं. फिर कुछ ऐसा बोल दिया कि सब चुपचाप सुनने लगे.

सड़क से संसद तक संग्राम: अखिलेश यादव के बड़े वार

दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए एक्शन और नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर अखिलेश यादव बेहद आक्रामक नजर आए. उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई तीखे हमले किए. यहां हम आपको कुछ प्वॉइंट में बता रहे हैं…

राजनीति से ऊपर युवाओं का मुद्दा:

“यह मुद्दा किसी समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है. यह मुद्दा इस देश के युवाओं, छात्रों और नौजवानों का है.”

छात्रों पर अत्याचार का आरोप:

“जब छात्रों की बात नहीं सुनी जाएगी, तो वे सड़कों पर ही उतरेंगे. सरकार ने उनके साथ जो व्यवहार किया है, वह बेहद शर्मनाक है. पुलिस ने उनके हाथ-पैर तोड़े, सिर फोड़े और कपड़े तक फाड़ दिए.”

बेटियों की सुरक्षा पर तीखा सवाल:

“क्या आप हमारे देश की बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे? यह कैसा न्याय है कि अपनी आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठियां और आंसू गैस के गोले चलाए जा रहे हैं?”

पीएम आवास का घेराव और प्रधानमंत्री की चुप्पी:

“हम मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने गए थे. अगर आप सदन में हमारी बात सुन लेते, तो हमें वहां जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. प्रधानमंत्री जी बाहर तो बहुत बोलते हैं, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर सदन के भीतर आकर बयान क्यों नहीं दे सकते?”

मंत्री के इस्तीफे की मांग:

“इस्तीफा तो मंत्री जी से जब चाहेंगे तब ले लेंगे, या सदन खत्म होने के बाद ले लेंगे, लेकिन असली सवाल छात्रों के साथ हुए अन्याय का है।”

छात्रों पर लाठीचार्ज पर सियासत गरम

नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर राजधानी दिल्ली समेत कई हिस्सों में छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल ने आग में घी डालने का काम किया है.

विपक्षी दल लगातार सरकार से जवाबदेही और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. विपक्ष का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और भरोसे से खिलवाड़ है.

सदन में अखिलेश यादव का यह रुख साफ दिखाता है कि नीट परीक्षा में अनियमितता और युवाओं के असंतोष को लेकर विपक्ष इस बार आर-पार के मूड में है और आने वाले दिनों में यह सियासी संग्राम और तेज होना तय है.

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