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भागलपुर में 91 सेमी ऊपर बह रही गंगा का जलस्तर घटा, पीरपैंती में सिंघिया पुल बंद; इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध पर अलर्ट

Bhagalpur Ganga Flood Water Level: बाढ़ की भीषण विभीषिका झेल रहे भागलपुर जिले के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी और कई दिनों के ठहराव के बाद अब गिरावट का रुख (फालिंग ट्रेंड) शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर घटकर 34.59 मीटर पर पहुंच गया है।

हालांकि, नदी अब भी खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 91 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, लेकिन उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL- 34.86 मीटर) से 27 सेंटीमीटर नीचे आ जाने से प्रशासन और बाढ़ पीड़ितों ने राहत की सांस ली है। ऊपरी जलमार्गों से आवक कम होने के चलते जमीन पर जमा पानी के धीरे-धीरे उतरने की उम्मीद बढ़ गई है।

पीरपैंती में सिंघिया पुल सील, तटबंध पर इंजीनियरों का पहरा

जलस्तर में कमी के संकेतों के बीच मैदानी इलाकों में परेशानियां अभी जस की तस हैं। पीरपैंती प्रखंड के दियारा क्षेत्र में स्थिति अब भी गंभीर है, जहां संपर्क सड़कों पर बाढ़ का तेज बहाव बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने सिंघिया पुल के दोनों छोर पर लाल फीता (खतरे का संकेत) बांधकर आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।

  • लगातार कई दिनों तक स्थिर रहने के बाद गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज, केंद्रीय जल आयोग ने ट्रेंड बताया ‘फालिंग’

  • खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 91 सेमी ऊपर 34.59 मीटर पर बह रही गंगा, उच्चतम स्तर (HFL) से 27 सेमी नीचे

  • पीरपैंती में दियारा की सभी सड़कों पर तेज बहाव, खतरे को देखते हुए सिंघिया पुल पर लाल फीता बांध आवागमन रोका

  • इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध पर बढ़ा पानी का दबाव, जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की टीम कर रही 24 घंटे निगरानी

उधर, नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत इस्माईलपुर और गोपालपुर के निचले इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। विशेषकर अतिसंवेदनशील इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम कैंप कर तटबंध व स्परों की चौबीसों घंटे सघन निगरानी कर रही है। प्रभावित बस्तियों में प्रशासन द्वारा सामुदायिक रसोई का संचालन शुरू किया गया है।

कहलगांव व नाथनगर में सड़कें जलमग्न, आवागमन ठप

नाथनगर प्रखंड की नौ पंचायतें अभी पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। हालांकि, दिलदारपुर निवासी अनिल महतो ने बताया कि नदी के रुख में बदलाव से करीब चार अंगुली पानी कम हुआ है।

दूसरी ओर, कहलगांव प्रखंड की 13 पंचायतों में जलजमाव विकराल बना हुआ है। मथुरापुर-बरोहिया पथ पर किसनदासपुर रेल लाइन चौक के अलावा एकचारी-मोहनपुर पथ, कहलगांव-ओगरी पथ, एनटीपीसी-चांय टोला पथ, मसदाहा पथ, तोफिल-अनठावन-बीरबन्ना पथ और नंदगोला-तोफिल पथ पूरी तरह डूब चुके हैं। संपर्क पथों पर दो से तीन फीट पानी बहने से आवागमन पूरी तरह ठप है।

ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में तकनीकी रूप से गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन रिहायशी इलाकों, खेतों और सड़कों से पानी पूरी तरह निकलने में अभी कई दिन लग सकते हैं।

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