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बिहार-झारखंड

स्कूल, अस्पताल से लेकर गली-नाली तक… भागलपुर के गांवों की बदलेगी तस्वीर; ये रहा पूरा प्लान

 गांवों में सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति सुधारने और लोगों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ शुरू किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से संचालित यह अभियान 17 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलेगा।

इसके तहत पंचायत स्तर पर पुरानी सरकारी परिसंपत्तियों का उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और मरम्मत कराने के साथ जरूरत के अनुसार नई आधारभूत संरचनाएं भी विकसित की जाएंगी। अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राथमिकता के आधार पर करीब 10 योजनाओं का चयन किया जाएगा।

योजनाओं के चयन में स्वास्थ्य उपकेंद्र, विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों से संबंधित कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता, गली-नाली और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

17 सितंबर को विशेष ग्रामसभा

चयनित योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए 17 सितंबर को ग्रामसभा की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। उसमें योजनाओं का अनुमोदन किया जाएगा।

अनुमोदन के बाद चयनित योजनाओं की प्रविष्टि ‘कायाकल्प-बीआरएलपीएस-इन’ पोर्टल पर 24 सितंबर तक करनी होगी। इससे योजनाओं की निगरानी और उनके क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी आनलाइन उपलब्ध रहेगी।

अभियान में पहले से मौजूद सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, नई आधारभूत संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

कई विभाग मिलकर करेंगे काम

अभियान को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा कल्याण, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज तथा नगर विकास एवं आवास विभाग को जिम्मेदारी दी गई है।

इसके तहत विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, साफ-सफाई व रखरखाव, आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान, पेयजल परिसंपत्तियों का अनुरक्षण, सोलर स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करने तथा गली-नाली के पक्कीकरण जैसे काम होंगे। आवश्यकतानुसार नई परिसंपत्तियों का भी निर्माण कराया जाएगा।

डीडीसी करेंगे जिला स्तर पर निगरानी

अभियान के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर लगातार अनुश्रवण किया जाएगा। जिला स्तर पर उप विकास आयुक्त को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं, प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति अभियान की प्रगति की समीक्षा करेगी। निर्धारित समय-सीमा में योजनाओं को पूरा कराने पर अधिकारियों का विशेष जोर रहेगा।

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