पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता Amarinder Singh को घुटने की तकलीफ के कारण मोहाली स्थित Fortis Hospital Mohali में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की सलाह पर उनका घुटने का ऑपरेशन (नी रिप्लेसमेंट सर्जरी) किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी के लिए आईसीयू में रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले कुछ समय से घुटनों में लगातार दर्द और चलने-फिरने में असुविधा की शिकायत कर रहे थे। उम्र संबंधी कारणों और जोड़ों में घिसावट की समस्या के चलते डॉक्टरों ने विस्तृत जांच के बाद घुटने की सर्जरी की सलाह दी। मेडिकल टीम ने उनकी सेहत, उम्र और पूर्व स्वास्थ्य इतिहास को ध्यान में रखते हुए सर्जरी की योजना बनाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि नी रिप्लेसमेंट सर्जरी आमतौर पर उन मरीजों के लिए की जाती है जिन्हें लंबे समय से जोड़ों में दर्द, सूजन या गठिया जैसी समस्या रहती है और दवाइयों या फिजियोथेरेपी से पर्याप्त राहत नहीं मिलती। इस प्रक्रिया में घुटने के क्षतिग्रस्त हिस्से को कृत्रिम जोड़ से बदल दिया जाता है, जिससे मरीज को दर्द से राहत मिलती है और चलने-फिरने में आसानी होती है।
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सफल रहा और किसी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई। एहतियातन उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में रखा गया है ताकि विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर सकें। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य मानकों की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद उनकी रिकवरी सामान्य है और उन्हें आवश्यक दवाएं व फिजियोथेरेपी संबंधी प्रारंभिक सलाह दी गई है। फिलहाल किसी तरह की गंभीर चिंता की बात सामने नहीं आई है। यदि स्वास्थ्य में इसी तरह सुधार जारी रहा तो अगले कुछ दिनों में उन्हें सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति का एक बड़ा नाम रहे हैं। वह दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे। बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई और फिर भाजपा में शामिल हो गए। ऐसे में उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल देखी गई।
उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में शुरू में चिंता का माहौल था, लेकिन जैसे ही अस्पताल से उनकी हालत स्थिर होने की जानकारी सामने आई, राहत की सांस ली गई। कई नेताओं ने फोन पर और सोशल मीडिया के माध्यम से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
जानकारी के अनुसार, उनके परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद हैं और डॉक्टरों से लगातार स्वास्थ्य अपडेट ले रहे हैं। कुछ करीबी राजनीतिक सहयोगी और परिचित भी अस्पताल पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। हालांकि, सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से मुलाकातों को सीमित रखा गया है।
अस्पताल प्रशासन ने भी अपील की है कि अनावश्यक भीड़ से बचा जाए ताकि मरीज को आराम मिल सके और इलाज की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। फिलहाल डॉक्टरों की प्राथमिकता उनकी शीघ्र रिकवरी सुनिश्चित करना है।
हाल के महीनों में कैप्टन अमरिंदर सिंह कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दिए थे। उन्होंने राजनीतिक बैठकों और पार्टी आयोजनों में भाग लिया था। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह सक्रिय राजनीति में रुचि लेते रहे हैं। ऐसे में उनकी सर्जरी को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि स्वास्थ्य लाभ के बाद वह फिर से सक्रिय भूमिका में नजर आ सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद मरीज को कुछ सप्ताह तक आराम और नियमित फिजियोथेरेपी की जरूरत होती है। यदि रिकवरी अच्छी रहती है तो व्यक्ति सामान्य गतिविधियों में लौट सकता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कैप्टन भी पूरी तरह स्वस्थ होकर जल्द सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होंगे।
चिकित्सकों के अनुसार, सर्जरी के बाद शुरुआती 48 से 72 घंटे काफी अहम होते हैं। इसी दौरान संक्रमण, ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और अन्य स्वास्थ्य मानकों पर कड़ी नजर रखी जाती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है।
फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों की टीम भी तैयार रखी गई है, ताकि डॉक्टरों की सलाह पर समय रहते रिकवरी अभ्यास शुरू कराया जा सके। इससे जोड़ की गतिशीलता बेहतर होती है और मरीज को जल्दी राहत मिलती है।
पंजाब सहित देशभर में उनके समर्थकों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संदेश साझा किए हैं। उनके राजनीतिक सफर और लंबे अनुभव को देखते हुए समर्थक उन्हें जल्द स्वस्थ होकर सक्रिय देखने की इच्छा जता रहे हैं।
कुल मिलाकर, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की घुटने की सर्जरी सफल रही है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्हें आईसीयू में निगरानी में रखा गया है और डॉक्टर उनकी रिकवरी पर नजर बनाए हुए हैं। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जरूर थी, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है।
यदि सब कुछ सामान्य रहा तो आने वाले दिनों में उनकी सेहत में और सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल पूरा ध्यान उनके आराम और उपचार पर केंद्रित है। पंजाब की राजनीति के इस वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य लाभ की कामना हर ओर से की जा रही है।